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About the Book: ज्योतिषशास्त्र में नवांश अत्यन्त महत्वपूर्ण वर्ग है। दक्षिण भारत में राशि वर्ग तथा नवांश को समान महत्व दिया जाता है। भूतकाल में प्रत्येक लेखक द्वारा नवांश वर्ग का प्रयोग अपनी पुस्तक में किया गया है। ज्योतिषशास्त्र के प्रख्यात् लेखकों द्वारा नवांश पर आधारित कई पुस्तकें लिखी गई हैं। उदाहरणतः जैमिनी पद्धति, काल चक्र दशा, सर्वतौ भद्र चक्र इत्यादि। नवांश पर आधारित गद्य इतना विशाल है, कि यदि इन श्लोकों का समन्वय किया जाए तो कुल संख्या 3000 श्लोकों से अधिक होगी।
मंत्रेश्वर के अनुसार, कई लेखकों के मत में नवांश वर्ग के परिणाम राशि वर्ग के समान ही होते हैं। कई लेखकों के मत में नवांश वर्ग राशि वर्ग से अत्यधिक महत्वपूर्ण है। उदाहरणतः 'स्वोच्चे नीचांशगे दुखी नीचे स्वोच्चांशगे सुखी सूर्य मेष राशि में तथा तुला नवांश में उच्चता से संम्बन्धित शुभ परिणाम नहीं देता। इसके विपरीत सूर्य तुला राशि में तथा मेष नवांश में अत्यंत शुभ परिणामदायक है।
| Composition | |
| Product Code | DCI-00772 |
| Edition | 2026 |
| Condition | New |
| Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Pages | 174 |
| ISBN 13 | 978-8198884732 |
| Dimension | 21.5 X 14.5 x 1.5 CM |
| Weight | 250 GR |
| Country of Origin | India |